हर महीने - 5 मिनट की जांच

रात को टहलते हुए देखें: कौन सी लाइट नहीं जल रही। कौन सी दिन में जलती है (सेंसर खराब)। कौन सी काफी मंद है। नंबर नोट करें - ग्राम पंचायत या मेंटेनेंस कंपनी को बताएं। दिन में देखें: खंभा झुका हुआ तो नहीं। पैनल पर मिट्टी या पक्षियों की बीट जमी है?

हर तीन महीने - पैनल और फिटिंग की सफाई

पैनल साफ करें: गीले कपड़े से धीरे-धीरे पोंछें। डिटर्जेंट न लगाएं। साफ पानी इस्तेमाल करें। पैनल पर रेत या बीट जमी हो तो पहले पानी से भिगोएं, फिर पोंछें। सफाई से 15–25% ज़्यादा रोशनी मिलती है। सभी बोल्ट और नट कसे हैं? ढीले हों तो कस लें। केबल एंट्री पर सिलिकॉन सील ठीक है?

साल में एक बार - इलेक्ट्रिकल जांच

बैटरी वोल्टेज मापें (12V सिस्टम में 12.8–13.2V = पूरी चार्ज)। पैनल वोल्टेज मापें (धूप में 17–21V)। LED करंट मापें (40W लाइट में ≈ 3.1A)। ज़मीन पर लक्स मापें - पहले की कमीशनिंग रिपोर्ट से तुलना करें। खंभे की नींव मज़बूत है? जंग तो नहीं लगी? अर्थिंग कनेक्शन ठीक है?

मानसून से पहले (हर साल मई–जून में)

सभी केबल ग्लैंड पर ताज़ा सिलिकॉन लगाएं। पुराना सिलिकॉन कड़ा हो जाता है और पानी घुसने देता है। पैनल के ड्रेनेज होल साफ हों। नई पेड़ की शाखाएं पैनल पर छाया डाल रही हों तो काट दें। खंभे पर जंग का कोई धब्बा तो नहीं - अगर है तो जिंक प्राइमर लगाएं।