बादल वाले दिन क्या होता है?

बादल वाले दिन भी सोलर पैनल काम करता है। साफ दिन में 100% बिजली। बादल वाले दिन: 20–30% बिजली। भारी बारिश में: 5–15% बिजली। MPPT कंट्रोलर बादल वाले दिन भी PWM से 30% ज़्यादा बिजली निकालता है। इसीलिए MPPT कंट्रोलर ज़रूरी है।

बैटरी का बैकअप काम आता है

LiFePO4 बैटरी 3–5 दिन का बैकअप रखती है। स्मार्ट डिमिंग (आधी रात के बाद 50% रोशनी) से बैकअप 7+ दिन तक हो जाता है। यानी लगातार 5–7 बादल वाले दिनों में भी लाइट जलती रहती है। महाराष्ट्र में जून–अगस्त का पूरा मानसून इसमें आ जाता है।

IP रेटिंग - पानी से सुरक्षा

IP65: किसी भी दिशा से पानी की बौछार से सुरक्षित। भारतीय बारिश से पूरी सुरक्षा। IP66: तेज़ पानी की धार से सुरक्षित। कोंकण, केरल, पूर्वोत्तर भारत के लिए ज़रूरी। सभी आउटडोर सोलर लाइट में कम से कम IP65 होना ज़रूरी है। Xera Tech की सभी आउटडोर लाइट IP65 मानक की हैं।

मानसून से पहले क्या करें?

मई–जून में: पैनल की सफाई करें। केबल ग्लैंड और जोड़ों पर सिलिकॉन सीलेंट लगाएं। खंभे के आधार पर पानी का बहाव साफ करें। अर्थिंग तार चेक करें। पेड़ की नई शाखाएं जो पैनल पर छाया डाल सकती हैं - काट दें।