तीन तरह की बैटरी - कौन सी सबसे अच्छी?

लेड-एसिड (VRLA/SMF): सबसे सस्ती (₹1,500–₹3,000), लेकिन सिर्फ 300–500 बार चार्ज-डिस्चार्ज होती है। गर्मी में जल्दी खराब होती है। 2–3 साल में बदलनी पड़ती है। स्टैंडर्ड लिथियम-आयन (Li-ion): मध्यम कीमत, 500–800 साइकिल। 45°C से ज़्यादा तापमान में आग का खतरा - भारत की गर्मी में खतरनाक। LiFePO4 (लिथियम आयरन फॉस्फेट): सबसे अच्छी क्वालिटी। 2,000–3,000 साइकिल (7–10 साल)। 60°C तक सुरक्षित। आग नहीं लगती। Xera Tech की सभी सोलर लाइट में LiFePO4 बैटरी आती है।

10 साल में कितने बार बदलनी पड़ती है?

लेड-एसिड बैटरी: हर 2–3 साल में = 10 साल में 3–4 बार (₹8,000–₹15,000 अतिरिक्त खर्च)। LiFePO4 बैटरी: 7–10 साल चलती है = 10 साल में एक बार भी नहीं बदलनी पड़ती। इसलिए LiFePO4 वाली महंगी लाइट असल में 10 साल में सस्ती पड़ती है।

कैसे पहचानें कि बैटरी LiFePO4 है?

प्रोडक्ट की डेटाशीट में साफ लिखा होना चाहिए: 'LiFePO4' या 'Lithium Iron Phosphate'। अगर लिखा है 'लिथियम बैटरी' बिना केमिस्ट्री बताए - पूछें। वज़न से पहचानें: LiFePO4 हल्की होती है। 30W सिस्टम की LiFePO4 बैटरी ≈ 1.5–2 kg, लेड-एसिड ≈ 5–7 kg। Xera Tech की सभी लाइट की बैटरी स्पेसिफिकेशन शीट request पर मिलती है।