जळगाव औद्योगिक क्षेत्र में पीआईआर (पैसिव इन्फ्रारेड) सेंसर आधारित स्ट्रीट लाइट के वर्ष 2025-2026 के लिए वार्षिक व्यापक रखरखाव की एक निविदा दूसरी बार जारी की गई है।

पीआईआर सेंसर वाली स्ट्रीट लाइट क्या होती है

पीआईआर सेंसर आधारित स्ट्रीट लाइट आसपास की गतिविधि — जैसे किसी वाहन या व्यक्ति की आवाजाही — का पता चलने पर स्वतः अपनी रोशनी की तीव्रता बढ़ा देती है, और गतिविधि न होने पर कम रोशनी पर काम करती है। यह तकनीक विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा बचत के लिए उपयोगी मानी जाती है, जहां रात के अधिकांश समय आवाजाही सीमित रहती है।

'दूसरी बार' निविदा जारी होने का कारण

किसी निविदा का दूसरी बार जारी होना आमतौर पर इस बात का संकेत है कि पहली बार पर्याप्त योग्य बोलीदाता सामने नहीं आए, या तकनीकी शर्तों में कोई बदलाव करने की ज़रूरत महसूस हुई — औद्योगिक क्षेत्र प्राधिकरण अक्सर पहले प्रयास के बाद शर्तों को थोड़ा संशोधित कर पुनः निविदा जारी करते हैं ताकि अधिक बोलीदाता भाग ले सकें।

औद्योगिक क्षेत्रों में रखरखाव अनुबंधों का महत्व

जळगाव जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट का वार्षिक व्यापक रखरखाव अनुबंध सुनिश्चित करता है कि खराब हुई लाइटों की मरम्मत ततकाल हो, जिससे कारखानों में रात्रि शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा प्रभावित न हो।