सर्दियों में क्या बदलता है?

दिन की लंबाई: गर्मियों में 13 घंटे धूप, सर्दियों में सिर्फ 9–10 घंटे। रात की लंबाई: गर्मियों में 11 घंटे जलना, सर्दियों में 14 घंटे जलना ज़रूरी। यानी सर्दियों में पैनल को कम समय में ज़्यादा बैटरी चार्ज करनी है - डिज़ाइन में यह ध्यान रखा जाता है।

ठंड का बैटरी पर असर

अच्छी बात: ठंड में LiFePO4 बैटरी की क्षमता गर्मी जैसी ही रहती है - degradation नहीं होती। बुरी बात: बहुत ज़्यादा ठंड (0°C से नीचे) में चार्जिंग धीमी हो जाती है - लेकिन भारत के ज़्यादातर इलाकों (हिमाचल और लद्दाख के अलावा) में यह समस्या नहीं है। पहाड़ी इलाकों (शिमला, मनाली, लद्दाख) में हीटेड बैटरी सिस्टम चाहिए।

कोहरे का असर

उत्तर भारत (UP, बिहार, पंजाब, दिल्ली) में दिसंबर–जनवरी में घना कोहरा रहता है - 10–15 दिन तक। कोहरे में सोलर पैनल सामान्य से 70–80% कम बिजली बनाता है। समाधान: 5 दिन का बैटरी बैकअप, बड़ा पैनल (2× सामान्य), MPPT कंट्रोलर, और आधी रात के बाद 50% डिमिंग।