स्कूल में कहां-कहां लगाएं?

मुख्य गेट और प्रवेश मार्ग: 40W, सबसे ज़रूरी। स्कूल का रास्ता (150–500 मीटर): 20–30W, हर 25 मीटर पर। कंपाउंड की चारदीवारी: 30W फ्लड लाइट, कोनों पर। खेल का मैदान: 40–60W, चार कोनों पर। हॉस्टल का रास्ता: 20W पोल या बोलार्ड लाइट। लड़कियों के toilet block: 20W सेंसर के साथ - सुरक्षा के लिए सबसे ज़रूरी।

लड़कियों की पढ़ाई पर असर

कई सर्वे बताते हैं: जिन गांवों में स्कूल का रास्ता रोशन है, वहां लड़कियों की उपस्थिति 8–12% बढ़ती है और dropout rate 5–7% घटता है। माता-पिता अंधेरे रास्ते पर बेटियों को भेजने से डरते हैं - रोशनी यह डर कम करती है।

फंडिंग कैसे मिलती है?

समग्र शिक्षा अभियान: स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर में सोलर लाइट शामिल। CSR: 'शिक्षा को प्रोत्साहन' और 'महिला सुरक्षा' दोनों heads में eligible। MLA/MP स्थानीय क्षेत्र विकास निधि: स्कूल लाइटिंग का सीधा प्रस्ताव दें। ज़िला परिषद: स्कूल भवन निधि से। School Development Committee (SDC): स्थानीय अंशदान से छोटे प्रोजेक्ट।