BIS सर्टिफिकेट का मतलब

BIS भारत सरकार की मानक संस्था है - हर LED लाइट को IS 16905 (luminaires) मानक के तहत test और certify होना चाहिए। यह सर्टिफिकेट गारंटी देता है: lights ने electrical safety test पास किया है। न्यूनतम efficacy (lm/W) मानक पूरा होता है। IP रेटिंग और thermal test हुआ है। हर प्रोडक्ट का एक यूनीक लाइसेंस नंबर होता है।

BIS नंबर कैसे verify करें?

manakonline.in वेबसाइट खोलें। 'Search Licence' सेक्शन में जाएं। प्रोडक्ट का BIS लाइसेंस नंबर डालें (पैकेजिंग या डेटाशीट पर होता है)। नंबर सही निर्माता और प्रोडक्ट के नाम से मैच होना चाहिए। अगर नंबर नहीं मिलता या किसी और कंपनी के नाम पर है - यह नकली BIS मार्क है।

बिना BIS की लाइट के खतरे

कानूनी खतरा: बिना BIS सर्टिफिकेट के LED लाइट बेचना/खरीदना/लगाना - Legal Metrology और BIS Act के तहत penalty। क्वालिटी खतरा: बिना testing के LED chip over-driven हो सकती है - 1–2 साल में dim हो जाती है। सरकारी प्रोजेक्ट: BIS के बिना कोई भी सरकारी टेंडर qualify नहीं होगा। सुरक्षा खतरा: बिना safety testing - short circuit, overheating का खतरा।