Step 1 - सही जगह चुनें
जहां पैनल पर सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक सीधी धूप पड़े। पेड़, इमारत या तार की छाया न हो। सड़क के किनारे से कम से कम आधा मीटर अंदर हो। ज़मीन के नीचे पाइप या तार न हो। खंभों के बीच की दूरी: 20–25 मीटर (30W लाइट के लिए), 25–30 मीटर (40W के लिए)।
Step 2 - खंभे की नींव बनाएं
5 मीटर खंभे के लिए: 600×600×900 मिलीमीटर गड्ढा खोदें। एंकर बोल्ट या बेस प्लेट रखें। 1:2:4 (सीमेंट:बालू:गिट्टी) का कंक्रीट भरें। कम से कम 48–72 घंटे सूखने दें। खंभा सीधा है या नहीं - स्पिरिट लेवल से जांचें।
Step 3 - पैनल का सही कोण
पैनल हमेशा सही दक्षिण (True South) की तरफ होना चाहिए - चुंबकीय दक्षिण नहीं। झुकाव (Tilt) का कोण: अपने शहर के अक्षांश (Latitude) के बराबर। नासिक/पुणे (19°): 19–20° झुकाव। लखनऊ/दिल्ली (28°): 28° झुकाव। जयपुर (27°): 27° झुकाव। गलत दिशा में पैनल = 20–30% कम बिजली।
Step 4 - वायरिंग और टेस्टिंग
कनेक्शन का सही क्रम: पहले बैटरी → फिर पैनल → फिर LED लोड। कभी भी बैटरी से पहले पैनल न जोड़ें - कंट्रोलर खराब हो सकता है। सभी कनेक्शन MC4 वाटरप्रूफ कनेक्टर से होने चाहिए। टेस्टिंग: पैनल को कपड़े से ढकें - लाइट 30 सेकंड में जलनी चाहिए। कपड़ा हटाएं - लाइट बंद होनी चाहिए। लक्स मीटर से ज़मीन पर रोशनी नापें।
