बिहार में सोलर इरेडियंस और चुनौतियां
बिहार में औसत सोलर इरेडियंस 4.8–5.4 kWh/m²/दिन - सामान्य, अच्छा है। मुख्य चुनौतियां: गंगा और कोसी के बाढ़-प्रभावित इलाकों में ऊंची नींव चाहिए। उत्तर बिहार (दिसंबर–जनवरी) में घना कोहरा - 5 दिन का बैकअप ज़रूरी। बिजली कटौती 6–10 घंटे/दिन - सोलर ग्रिड से बेहतर है।
बिहार की सरकारी योजनाएं
BREDA (Bihar Renewable Energy Development Agency): ग्रामीण सोलर लाइट का नोडल विभाग। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के साथ सोलर लाइटिंग जोड़ी जाती है। 7 निश्चय योजना: हर गांव में बुनियादी सुविधाओं में सोलर लाइट शामिल। 15वां वित्त आयोग: हर ग्राम पंचायत सीधे खरीद कर सकती है।
बाढ़-प्रभावित इलाकों के लिए विशेष ध्यान
उत्तर बिहार (दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, सीतामढ़ी) में हर साल बाढ़ आती है। खंभे की नींव सामान्य से ऊंची बनाएं - बाढ़ के पानी का स्तर ध्यान में रखें। बैटरी और कंट्रोलर खंभे में ऊंचाई पर लगाएं - पानी से बचाव। IP66 फिटिंग ज़रूरी।
