CO₂ बचत कैसे calculate होती है?

फॉर्मूला: बचाई गई बिजली (kWh) × emission factor = CO₂ बचत (kg)। भारत का emission factor (CEA के अनुसार): लगभग 0.716 kg CO₂ प्रति यूनिट। उदाहरण: 40W LED सोलर लाइट, 10 घंटे/रात, 365 दिन = 146 यूनिट/साल बचत (अगर ग्रिड की जगह सोलर लगाया गया)। CO₂ बचत = 146 × 0.716 = लगभग 104.5 kg/साल/लाइट।

बड़े प्रोजेक्ट में कुल असर

40 लाइट वाली ग्राम पंचायत: 104.5 kg × 40 = 4,180 kg = 4.18 टन CO₂/साल। 10 साल में: 41.8 टन CO₂। 100 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर प्रोजेक्ट (4,000 लाइट): 10 साल में 4,180 टन CO₂। तुलना के लिए: एक छोटी कार साल में लगभग 2.5 टन CO₂ छोड़ती है - यानी 4,180 टन = लगभग 1,672 कारों को सालभर रोड से हटाने जैसा।

CSR और सरकारी रिपोर्ट में इस्तेमाल

कंपनियों की CSR annual report में: 'X सोलर लाइट लगाई गईं, Y टन CO₂ बची, Z गांव लाभान्वित हुए' - यह डेटा directly डाला जा सकता है। GRIHA रेटिंग: renewable energy use के points मिलते हैं। SDG alignment: SDG 7 (स्वच्छ ऊर्जा), SDG 11 (टिकाऊ शहर), SDG 13 (climate action) से जोड़ा जा सकता है।