गडचिरोली जिले के एटापल्ली तालुका की ग्राम पंचायत सोहगाव के अंतर्गत सोहगाव टोला से मुख्य गांव सोहगाव तक की सड़क पर सोलर स्ट्रीट लाइट के निर्माण की एक निविदा जारी की गई है।
'टोला' और मुख्य गांव के बीच की दूरी
गडचिरोली जैसे घने जंगली और आदिवासी बहुल जिलों में, कई गांवों के साथ छोटे-छोटे 'टोला' (उपवस्ती) जुड़े होते हैं, जो मुख्य गांव से कुछ दूरी पर बसे होते हैं। इन टोलों को मुख्य गांव से जोड़ने वाली सड़कों पर रोशनी की कमी असुरक्षा और आवाजाही में परेशानी दोनों का कारण बनती है — यही वजह है कि इस तरह के कनेक्टिंग रोड सोलर लाइटिंग परियोजनाओं में प्राथमिकता पाते हैं।
एटापल्ली तालुका की भौगोलिक चुनौतियां
एटापल्ली तालुका गडचिरोली जिले के सबसे दुर्गम और घने जंगल वाले हिस्सों में शामिल है, जहां पारंपरिक बिजली ग्रिड का विस्तार अब भी सीमित है। ऐसे इलाकों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगभग एकमात्र व्यावहारिक विकल्प बचता है, क्योंकि ग्रिड लाइन बिछाना तकनीकी और आर्थिक दोनों दृष्टि से कठिन साबित होता है।
गडचिरोली में जारी व्यापक रुझान
यह निविदा गडचिरोली जिले में इसी वर्ष चामोर्शी तालुका के रिखेगाव और अनंतपूर गांवों में हुई बड़ी सोलर स्ट्रीट लाइट व हाईमास्ट परियोजना जैसी ही एक व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है, जहां जिला प्रशासन दूरदराज के गांवों और टोलों को सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था से जोड़ने पर लगातार काम कर रहा है।


