मंदिर रास्ते की खास ज़रूरतें

सुरक्षा: श्रद्धालु असमान सीढ़ियों और पथरीले रास्तों पर अंधेरे में चलते हैं - 15–20 लक्स ज़रूरी। माहौल: गर्म सफेद (3000–4000K) रोशनी - मंदिर का दीये जैसा शांत वातावरण बनती है। भरोसा: मंदिर रोज़ सुबह 4 बजे से रात तक खुला रहता है - सोलर लाइट बिना किसी बिजली बिल के लगातार चलती है। सुंदरता: पोल का डिज़ाइन मंदिर की वास्तुकला से मेल खाना चाहिए।

Xera Tech की हेरिटेज सोलर रेंज

शिव सीरीज: त्रिशूल और डमरू डिज़ाइन - शिव मंदिर, ज्योतिर्लिंग मार्ग, काशी कॉरिडोर जैसी जगहों के लिए। विठ्ठल सीरीज: पंढरपुर विठोबा डिज़ाइन - वारी पालखी मार्ग और वैष्णव मंदिरों के लिए। कमल सीरीज: सामान्य हिंदू मंदिरों और सरकारी परिसरों के लिए। क्लासिकल लालटेन पोस्ट: पुराने पत्थर के मंदिरों के लिए। रंग विकल्प: गोल्ड, ब्रॉन्ज़, आइवरी, या मंदिर के तांबे जैसा रंग - कस्टम फिनिश संभव।

फंडिंग कैसे मिलती है?

मंदिर ट्रस्ट फंड: देवस्थान ट्रस्ट कमिटी से प्रस्ताव पास करवाएं। PRASHAD योजना: तीर्थ स्थलों के विकास के लिए केंद्र सरकार की योजना। राज्य पर्यटन विभाग: महाराष्ट्र, UP, कर्नाटक टूरिज़्म तीर्थ मार्गों पर सोलर लाइटिंग को फंड करते हैं। CSR: 'सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण' और 'ग्रामीण विकास' दोनों heads में eligible - नज़दीकी इंडस्ट्री के CSR विभाग से संपर्क करें।