LED और सोडियम में फर्क

सोडियम लाइट (पीली रोशनी): 250W बिजली खाती थी, पीली रोशनी से रंग पहचानना मुश्किल, हर 3–4 साल में बल्ब बदलना पड़ता था, चालू होने में 5 मिनट लगते थे। LED लाइट (सफेद रोशनी): 100W में वही रोशनी, रंग साफ दिखते हैं, 50,000 घंटे चलती है (15+ साल), तुरंत जलती है। नतीजा: LED से 60% बिजली बचती है, सड़क ज़्यादा सुरक्षित होती है।

LED स्ट्रीट लाइट कैसे काम करती है?

मुख्य पावर (220V AC) LED ड्राइवर में जाती है। ड्राइवर उसे LED चिप के लिए सही DC करंट में बदलता है। LED चिप रोशनी पैदा करती है। एल्युमिनियम हाउसिंग गर्मी को बाहर निकालती है। फोटोसेल सेंसर रात होने पर अपने आप जलाती है, सुबह होने पर बंद करती है।

कितनी बचत होती है?

250W सोडियम को 100W LED से बदलें: एक लाइट पर बचत: 150W × 10 घंटे × 365 दिन = 547.5 यूनिट/साल। ₹7/यूनिट पर: ₹3,832/साल/लाइट। 100 लाइट वाले शहर में: ₹3.83 लाख/साल की बचत। 200 लाइट वाले MIDC में: ₹7.66 लाख/साल।