भिवंडी तालुका की विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए जारी एक निविदा में डिज़ाइन, निर्माण, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के साथ 4 नग 6 मीटर सोलर हाईमास्ट और 10 नग 6 मीटर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की बात कही गई है, जिसके साथ पांच साल का व्यापक रखरखाव अनुबंध (सीएमसी) भी जुड़ा हुआ है।
कई ग्राम पंचायतों को एक साथ जोड़ने की योजना
एक ही निविदा में तालुका की कई ग्राम पंचायतों को शामिल करना ठेकेदार के लिए एकल जुटान (मोबिलाइज़ेशन) से पूरे तालुका को कवर करने की सुविधा देता है, जिससे प्रति गांव अलग-अलग निविदा की तुलना में लागत कम आती है और स्थापना तेज़ी से पूरी हो सकती है।
पांच साल का रखरखाव अनुबंध क्यों ज़रूरी है
सौर ऊर्जा प्रणालियों की बैटरी और पैनल की क्षमता समय के साथ घटती है, और अगर नियमित रखरखाव न हो तो ग्रामीण इलाकों में लगी सोलर लाइटें कुछ ही वर्षों में बेकार हो सकती हैं। पांच साल का सीएमसी यह सुनिश्चित करता है कि रखरखाव की ज़िम्मेदारी ठेकेदार पर बनी रहे, न कि ग्राम पंचायत के सीमित संसाधनों पर।
भिवंडी तालुका की भौगोलिक स्थिति
ठाणे जिले का भिवंडी तालुका मुंबई महानगर क्षेत्र से सटा होने के बावजूद अपने कई ग्रामीण हिस्सों में अब भी बिजली आपूर्ति की अनियमितता झेलता है, जिससे सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट यहां के गांवों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बन जाते हैं।


